C3 पौधों मे O2 की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण के निषेध को क्या कहते है?

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Written By Nishtha Gupta

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    प्रश्न-5- C3 पौधों मे O2 की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण के निषेध को क्या कहते है?

  1. हेक्सोज मोनोफॉस्फेट शंट
  2. पास्चर प्रभाव
  3. डेकर प्रभाव
  4. वारबर्ग प्रभाव
👉वारबर्ग प्रभाव 
उत्तर व्याख्या- ्कई पौधों में ऑक्सीजन की सान्द्रता में वृद्धि होने पर प्रकाश संश्लेषण की दर मे कमी हो जाती है। ऑक्सीजन द्वारा प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया मे अवरोध उत्पन्न करने वाले इस तथ्य की खोज सर्वप्रथम जर्मन जीव रसायनविज्ञानी वारबर्ग ने 1920 में कॉरेला (एक रहे शैवाल) में की थी। इसे वारबर्ग इफेक्ट भी कहते है। जब कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर कम होता है औऱ प्रकाशीय स्तर संतृप्त होता है तब ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को अधिक बाधित करता है इसे C3 पौधों सोयाबीन और C4 पौधे (सोरघम, गन्ना, मक्का) इत्यादि में उत्पन्न होने वाले प्रभाव के रूप में जाना जाता है।
 

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